Friday, February 11, 2011

in salute to the peoples' revolution in egypt....






एक चिंगारी से
हज़ारों मशालें जल
उठीं
एक आवाज़ दिल से
निकली और
सदियों से दबी धड़कने
दहकने लगीं
एक कदम जो झूठ
को कुचलने बढ़ा
पीछे कारवां जुड़ता
चला गया....

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