Monday, November 10, 2014

तू अपनी नज़र हम पर रखना
किस हाल में हैं हम ये खबर रखना... 

Monday, November 3, 2014

प्रेम।
अन्धकार है
सितारों के इर्द गिर्द फैला सा...

प्रेम ?
मरुस्थल है
मृगजल  में झिलमिलाता सा ....

प्रेम ?
काजल है
नैनो के सागर पे ठहरे किनारों सा ...

प्रेम ?
आँगन है
घर के किवाड़ों को खोलता सा ...

प्रेम ?
विस्तार है
मन की गिरह में संकुचित सा ....