कुछ ऐसे भी
खयाल आते हैं अक्सर
कि काश ज़िन्दगी की
अदला-बदली हो सकती
एक ऐसा भी मेला
लगता जहाँ
मिलती खूबसूरत
हंसती मुस्कुराती ज़िंदगियाँ
हम बदल सकते
अपना आवरण
पहन लेते झट से
एक दूसरा जीवन
और मेले में
छोड़ आते अपनी
कुछ रूठी- रूठी
कुछ खट्टी खट्टी
कुछ टेढ़ी- मेढ़ी
कुछ अड़ी अड़ी
कुछ चिड-चिड
करती ज़िन्दगी ..........
खयाल आते हैं अक्सर
कि काश ज़िन्दगी की
अदला-बदली हो सकती
एक ऐसा भी मेला
लगता जहाँ
मिलती खूबसूरत
हंसती मुस्कुराती ज़िंदगियाँ
हम बदल सकते
अपना आवरण
पहन लेते झट से
एक दूसरा जीवन
और मेले में
छोड़ आते अपनी
कुछ रूठी- रूठी
कुछ खट्टी खट्टी
कुछ टेढ़ी- मेढ़ी
कुछ अड़ी अड़ी
कुछ चिड-चिड
करती ज़िन्दगी ..........
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