स्नेह के लिबास
में उसका मनोरम
मन और भी निखर गया
उसके मुख पे
आई हल्की सी मुस्कान
ने उसके शब्दों
को और भी मीठा किया
काजल के पट पे टिकी
उसकी आँखों में जब
प्रेम के एहसास ने धीरे
से कदम रखा--
लहरों सी चली आयीं
भावनाएं
और उसकी धडकनों
को किनारा दिया.....
में उसका मनोरम
मन और भी निखर गया
उसके मुख पे
आई हल्की सी मुस्कान
ने उसके शब्दों
को और भी मीठा किया
काजल के पट पे टिकी
उसकी आँखों में जब
प्रेम के एहसास ने धीरे
से कदम रखा--
लहरों सी चली आयीं
भावनाएं
और उसकी धडकनों
को किनारा दिया.....
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