Wednesday, December 26, 2012

मेरा घर गली के अंतिम 
छोर पे है 
हर रोज़ मैं गली 
पार कर के स्कूल जाती 
हूँ 
हर रोज़  घर से निकलते 
वक़्त मैं एक 
छोटी सी दुआ मांगती हूँ 
कि -
   कल जब मैं ये गली 
   पार करूँ तो 
   मेरी आंखें ज़मीन 
   को देखते हुए 
   नहीं बल्कि 
   आकाश में उड़ते 
   पक्षियों का पीछा करें 
  और मेरा दुपट्टा 
  मेरी सुरक्षा नहीं 
  बल्कि मेरा पंख बन जाये ........
   
  

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