पोस्ट बॉक्स का लाल डब्बा
मुड़ते सड़क के ठीक कोने
में तीन चार फूट लम्बी उग आई घास-फूस
के झुरमुटों से उदास आँखें लिए
झाँक रहा था और तभी
मैंने उसे देखा जब
तेज़ भागती उस सड़क के दूसरी
ओर खड़ी
मैं किसी का
पता खोज रही थी
उसकी गहरी काली आँखों का
सवाल मेरा जवाब बन के आया
मुझे याद आया उस दोस्त
का पता जिसकी
चिट्ठियों का जवाब देने का
वक़्त मैं आने वाले दिनों
पे टाल कर आज
सुबह घर से निकली थी........
मुड़ते सड़क के ठीक कोने
में तीन चार फूट लम्बी उग आई घास-फूस
के झुरमुटों से उदास आँखें लिए
झाँक रहा था और तभी
मैंने उसे देखा जब
तेज़ भागती उस सड़क के दूसरी
ओर खड़ी
मैं किसी का
पता खोज रही थी
उसकी गहरी काली आँखों का
सवाल मेरा जवाब बन के आया
मुझे याद आया उस दोस्त
का पता जिसकी
चिट्ठियों का जवाब देने का
वक़्त मैं आने वाले दिनों
पे टाल कर आज
सुबह घर से निकली थी........
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