Tuesday, March 29, 2011

so many women all around the world are humiliated, insulted and confined ..i wish this could change someday

कभी भी
कहीं भी
खींच ली
जाती है
और दिन के
उजालों
में भर दी जाती
है उसके लिए
घुप अंधेरों सी
सांसें..
उसकी हर आह
पे लागे दिए
जाते हैं
ताले
तार-तार हुए
उसके जिस्म
से उतार दिया
जाता है
वो जार-जार
हुआ सा आँचल
हर दिन
वो लज्जित की
जाती है
घर में
रास्तों पे
कानून और सभ्यताओं
की आड़ में......

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